प्राचीन श्री हनुमान मंदिर, हांसी में हनुमान जन्मोत्सव

हनुमान जन्मोत्सव केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भक्ति, बल, बुद्धि और सेवा का प्रतीक है। भगवान श्रीहनुमान जी को संकटमोचन, रामभक्त और असीम शक्ति के स्वामी के रूप में पूजा जाता है। उनका जन्मोत्सव हमें निःस्वार्थ सेवा, अटूट विश्वास, विनम्रता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। इस पावन अवसर पर प्राचीन श्री हनुमान मंदिर, हांसी में उमड़ा भक्तों का सैलाब यह प्रमाणित करता है कि आज भी भगवान श्रीहनुमान जी की भक्ति जन-जन के हृदय में जीवंत है।

प्राचीन श्री हनुमान मंदिर, हांसी  में श्रीहनुमान जी के जन्मोत्सव  पर प्रतिवर्ष अत्यंत भव्य एवं दिव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस पावन अवसर पर संपूर्ण मंदिर परिसर को फूलों, झंडियों और आकर्षक सजावट से सजाया जाता है। मंदिर से लेकर सड़क तक भव्य सजावट, रंग-बिरंगी लाइटिंग एवं विशाल शामियाने लगाए जाते हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण से ओत-प्रोत हो जाता है।

हनुमान जन्मोत्सव के दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दूर से आए श्रद्धालु प्रेमपूर्वक प्रसाद ग्रहण करते हैं। भक्ति रस से परिपूर्ण संगीतमय सुंदरकांड पाठ एवं अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया जाता है, जो निरंतर चलता रहता है। इस अवसर पर अनेक प्रसिद्ध संगीतकार एवं भजन गायक आमंत्रित किए जाते हैं, जो भगवान श्रीहनुमान जी और श्रीराम जी के मधुर भजनों से भक्तों को भावविभोर कर देते हैं। हनुमान जन्मोत्सव केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भक्तिबलबुद्धि और सेवा का प्रतीक है। भगवान श्रीहनुमान जी को संकटमोचन, रामभक्त और असीम शक्ति के स्वामी के रूप में पूजा जाता है। उनका जन्मोत्सव हमें निःस्वार्थ सेवा, अटूट विश्वास, विनम्रता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है

हनुमान जन्मोत्सव – पावन झलकियाँ