मन्दिर का इतिहास

यह मंदिर लगभग वर्ष 1918 के आसपास निर्मित हुआ था तथा वर्तमान में इसकी आयु एक शताब्दी से भी अधिक हो चुकी है। समय के साथ-साथ मंदिर की भौतिक स्थिति अत्यंत जर्जर एवं खस्ताहाल हो गई थी। तथापि, अपनी गहन श्रद्धा, आस्था एवं विश्वास को दृष्टिगत रखते हुए परिवार के वंशजों द्वारा सर्वसम्मति से
यह निर्णय लिया गया कि मंदिर का जीर्णोद्धार / पुनर्निर्माण कराया जाना अत्यंत आवश्यक है। दिनांक 06 अगस्त 2023 को आयोजित वार्षिक आम सभा (AGM) में यह महत्वपूर्ण निर्णय विधिवत रूप से पारित किया गया कि मंदिर का जीर्णोद्धार किया जाएगा तथा इस उद्देश्य की पूर्ति हेतु एक पृथक मंदिर जीर्णोद्धार समिति का गठन किया जाएगा।

मंदिर की महत्ता

इस मंदिर का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व अत्यंत प्राचीन है। यहाँ दर्शन करने से भक्तों को मानसिक शांति, शक्ति एवं आस्था की अनुभूति होती है।

🕉️ आस्था

इस पावन धाम में भक्त पूर्ण श्रद्धा एवं विश्वास के साथ दर्शन हेतु आते हैं। यहाँ की दिव्य आस्था मन को शांति प्रदान करती है और आत्मबल को जागृत करती है।

शक्ति

श्री हनुमान जी शक्ति, साहस एवं पराक्रम के प्रतीक हैं। इनके दर्शन से भक्तों को मानसिक एवं शारीरिक बल की अनुभूति होती है।

🌸 आशीर्वाद

यहाँ सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य फलित होती है। श्री हनुमान जी का आशीर्वाद जीवन में सुख, शांति एवं सफलता प्रदान करता है।

दर्शन एवं पूजा विधि

इस मंदिर का धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व अत्यंत प्राचीन है। यहाँ दर्शन करने से भक्तों को मानसिक शांति, शक्ति एवं आस्था की अनुभूति होती है।

🕉️ प्रातःकालीन दर्शन

प्रातःकाल में श्री हनुमान जी के दर्शन अत्यंत फलदायी माने जाते हैं। भक्त प्रातः समय में दर्शन कर दिन की शुरुआत भक्ति एवं सकारात्मक ऊर्जा के साथ करते हैं। 🕰️ दर्शन समय: प्रातः 5:00 बजे से 11:00 बजे तक

🙏 विशेष पूजा एवं आरती

इन आयोजनों में सम्मिलित होकर भक्त आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं। 🪔 आरती समय: प्रातः आरती: 6:00 बजे संध्या आरती: 7:00 बजे

🔱 मंगलवार एवं शनिवार का महत्व

मंगलवार एवं शनिवार श्री हनुमान जी को समर्पित विशेष दिन माने जाते हैं। इन दिनों मंदिर में अधिक संख्या में श्रद्धालु दर्शन एवं पूजा हेतु आते हैं। 🕰️ विशेष दर्शन समय: प्रातः 5:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक