प्राचीन श्री हनुमान मंदिर, हांसी में जन्माष्टमी

श्री कृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण की पावन स्मृति में अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाई जाती है। इस शुभ अवसर पर मंदिर परिसर को सुंदर पुष्पों, दीपों और आकर्षक सजावट से अलंकृत किया जाता है। भजन-कीर्तन, श्रीकृष्ण कथा, झांकियाँ और विशेष आरती के माध्यम से भक्तजन भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप का स्मरण करते हैं।

मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, जिसमें श्रद्धालु उपवास रखकर भक्ति भाव से सम्मिलित होते हैं। इस उत्सव के दौरान प्रेम, करुणा और धर्म के संदेश को आत्मसात किया जाता है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी न केवल एक धार्मिक पर्व है, बल्कि यह भक्तों के जीवन में आनंद, विश्वास और आध्यात्मिक शांति का संचार करने वाला पावन अवसर भी है।

जन्माष्टमी – पावन झलकियाँ